TET For Primary Teacher: देश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार नए नियम और सुधार लागू कर रही है। इसी क्रम में अब उन शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है जो अभी तक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET पास नहीं कर पाए हैं। हाल ही में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया गया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश का असर प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के हजारों शिक्षकों पर पड़ सकता है।
सरकार के अनुसार जो शिक्षक अभी तक TET परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं, उन्हें अब अनिवार्य रूप से इस परीक्षा में शामिल होना होगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद लागू किया गया है। नोटिस के अनुसार पात्रता परीक्षा का आयोजन जुलाई और अगस्त 2026 में होने की संभावना है। इस कदम का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और सभी शिक्षकों को आवश्यक योग्यता के मानकों के अनुरूप बनाना है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदले नियम
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील संख्या 1385/2025 और 1386/2025 सहित कई अन्य याचिकाओं की सुनवाई करते हुए 01 सितंबर 2025 को एक अहम फैसला सुनाया था। इस फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को भी अब शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET पास करना जरूरी होगा। अदालत ने यह भी कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह नियम आवश्यक है।
कोर्ट के आदेश के अनुसार ऐसे सभी इन-सर्विस शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी पांच साल से अधिक समय बाकी है, उन्हें दो वर्षों के भीतर TET परीक्षा पास करनी होगी। यदि कोई शिक्षक तय समय सीमा के भीतर यह परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसे नौकरी छोड़नी पड़ सकती है या फिर उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। इस फैसले के बाद राज्यों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी नोटिस के मुख्य निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने 02 मार्च 2023 को एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है, जिसे सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजा गया है। इस नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में शामिल होने की जानकारी दी जाए जो अभी तक TET पास नहीं कर पाए हैं।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि यह परीक्षा सभी संवर्गों के शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगी। यानी किसी भी श्रेणी के शिक्षक को इस नियम से छूट नहीं मिलेगी। संचालक लोक शिक्षण मध्यप्रदेश की ओर से जारी इस निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के सभी पात्र शिक्षक समय रहते इस परीक्षा में शामिल हों और आवश्यक योग्यता प्राप्त करें।
किन शिक्षकों पर लागू होगा यह नया नियम
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह आदेश केवल कुछ विशेष श्रेणी के शिक्षकों पर लागू होगा। इसमें वे शिक्षक शामिल हैं जिनकी नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले हुई थी। इसके अलावा ऐसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी पांच साल से अधिक समय बचा हुआ है और जिन्होंने अभी तक TET परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें इस नियम का पालन करना होगा।
यह नियम प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तर के शिक्षकों पर लागू होगा। इसका मतलब है कि चाहे शिक्षक किसी भी संवर्ग से संबंधित हो, अगर उसने अब तक TET पास नहीं किया है तो उसे इस परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी शिक्षक एक समान शैक्षणिक योग्यता के मानकों को पूरा करें।
दो साल में TET पास नहीं किया तो क्या होगा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को TET परीक्षा पास करने के लिए अधिकतम दो साल का समय दिया जाएगा। इस अवधि के भीतर परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। अगर कोई शिक्षक इस समय सीमा के भीतर परीक्षा पास नहीं कर पाता है तो उसे अपनी नौकरी छोड़नी पड़ सकती है या सरकार उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे सकती है।
हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में शिक्षकों को मिलने वाले टर्मिनल बेनिफिट्स यानी सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभ नियमों के अनुसार ही दिए जाएंगे। यदि किसी शिक्षक की सेवा में कोई तकनीकी कमी पाई जाती है तो उसका मामला संबंधित विभाग को भेजा जाएगा ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
प्रमोशन और नई नियुक्ति के लिए भी TET जरूरी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में एक और महत्वपूर्ण बात कही गई है कि जो शिक्षक भविष्य में प्रमोशन चाहते हैं या किसी नई नियुक्ति के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके लिए भी TET पास करना अनिवार्य होगा। बिना TET पास किए किसी भी शिक्षक की उम्मीदवारी पर विचार नहीं किया जाएगा।
इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा व्यवस्था में केवल योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक ही आगे बढ़ सकें। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। इसलिए जो शिक्षक अपने करियर में आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए TET परीक्षा पास करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
TET परीक्षा कब होगी और किस तरह आयोजित होगी
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार TET पात्रता परीक्षा का आयोजन जुलाई और अगस्त 2026 के बीच होने की संभावना है। यह परीक्षा राज्य स्तर पर आयोजित की जाएगी और इसमें प्राथमिक तथा माध्यमिक स्तर के सभी पात्र शिक्षक शामिल होंगे। जिला शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि सभी पात्र शिक्षकों तक इस परीक्षा की सूचना पहुंच सके।
इसके साथ ही संभागीय संयुक्त संचालकों को भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कार्य यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई भी पात्र शिक्षक इस महत्वपूर्ण सूचना से वंचित न रहे। इस तरह सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। TET परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और राज्य सरकार के निर्देशों से संबंधित नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी नोटिस अवश्य देखें।


