Refined Oil Price New Update 2026: आज के समय में रसोई का बजट सीधे तेल की कीमतों से जुड़ा हुआ है। चाहे रिफाइंड तेल हो या सरसों का तेल, इनके दामों में होने वाले बदलाव हर गृहिणी और परिवार को प्रभावित करते हैं। मार्च 2026 में सरकार और बाजार दोनों की तरफ से तेल की नई कीमतें जारी की गई हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आज आपके शहर में रिफाइंड तेल और सरसों तेल का ताज़ा भाव क्या है, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
रिफाइंड तेल और सरसों तेल के दाम क्यों बदलते हैं?
रिफाइंड तेल और सरसों तेल की कीमतें कई कारणों से बदलती रहती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे पाम ऑयल और सोयाबीन की कीमतों का सीधा असर देश में रिफाइंड तेल के दामों पर पड़ता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी, आयात शुल्क में बदलाव और सरकारी नीतियां भी तेल की कीमतों को प्रभावित करती हैं। घरेलू उत्पादन कम होने पर आयात बढ़ता है जिससे कीमतें ऊपर जाती हैं।
सरसों तेल की कीमतें मुख्य रूप से सरसों की फसल पर निर्भर करती हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सरसों की बुवाई और कटाई का असर सीधे बाजार भाव पर दिखता है। अगर फसल अच्छी होती है तो दाम नीचे आते हैं और अगर मौसम खराब रहा तो दाम बढ़ जाते हैं। इसीलिए हर सीजन में सरसों तेल के रेट अलग-अलग देखने को मिलते हैं।
आज का रिफाइंड तेल का ताज़ा भाव 2026
मार्च 2026 में रिफाइंड तेल के दामों में हल्की स्थिरता देखी जा रही है। देश के प्रमुख शहरों में 1 लीटर रिफाइंड तेल की कीमत लगभग ₹120 से ₹145 के बीच चल रही है। दिल्ली में रिफाइंड तेल का भाव ₹128 प्रति लीटर, मुंबई में ₹132 प्रति लीटर और कोलकाता में ₹125 प्रति लीटर के आसपास है। 5 लीटर के डिब्बे की कीमत ₹620 से ₹700 के बीच बताई जा रही है जो ब्रांड के अनुसार अलग-अलग है।
Fortune, Dhara, Saffola और Sundrop जैसे प्रमुख ब्रांड्स के रिफाइंड तेल के दाम थोड़े अलग हो सकते हैं। लोकल ब्रांड्स की कीमत राष्ट्रीय ब्रांड्स से 10 से 15 रुपये कम होती है। थोक बाजार में रिफाइंड तेल 15 लीटर के टिन में ₹1750 से ₹1900 के बीच मिल रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे Amazon और Flipkart पर कभी-कभी छूट के साथ इससे कम दामों पर भी उपलब्ध होता है।
आज का सरसों तेल का ताज़ा भाव 2026
सरसों तेल की बात करें तो मार्च 2026 में इसके दाम भी पिछले कुछ महीनों की तुलना में स्थिर नजर आ रहे हैं। दिल्ली और उत्तर भारत के बाजारों में कच्चे सरसों तेल का भाव ₹130 से ₹150 प्रति लीटर के बीच चल रहा है। पटना में सरसों तेल ₹135 प्रति लीटर, लखनऊ में ₹138 और जयपुर में ₹132 प्रति लीटर बताया जा रहा है। यह दाम पैकेट बंद और खुले तेल दोनों के लिए थोड़े अलग हो सकते हैं।
Patanjali, Dhara और Engine ब्रांड के सरसों तेल के 1 लीटर पैकेट ₹140 से ₹160 के बीच बिक रहे हैं। 5 लीटर के डिब्बे ₹680 से ₹750 तक मिल रहे हैं। खुले बाजार में सरसों तेल की कीमत पैकेट वाले से थोड़ी कम होती है। ग्रामीण इलाकों में कोल्हू के सरसों तेल की मांग अधिक है और इसकी कीमत ₹155 से ₹170 प्रति लीटर तक हो सकती है क्योंकि यह शुद्ध और प्राकृतिक माना जाता है।
प्रमुख शहरों में तेल के दामों की तुलना
अलग-अलग शहरों में तेल के दाम परिवहन लागत, स्थानीय टैक्स और मांग-आपूर्ति के आधार पर बदलते हैं। दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में सरसों तेल की कीमत अपेक्षाकृत कम होती है क्योंकि यहां उत्पादन अधिक है। वहीं दक्षिण भारत के शहरों जैसे चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में सरसों तेल की जगह नारियल या पाम तेल का उपयोग ज्यादा होता है इसलिए वहां सरसों तेल के दाम थोड़े अधिक होते हैं।
रिफाइंड तेल के मामले में महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु में कीमतें उत्तर भारत से थोड़ी अलग हो सकती हैं। चेन्नई में रिफाइंड तेल ₹135 प्रति लीटर, अहमदाबाद में ₹126 और पुणे में ₹130 प्रति लीटर के आसपास बताया जा रहा है। इन कीमतों में हर हफ्ते बदलाव संभव है इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार का रेट जरूर जांच लें।
तेल खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
बाजार में नकली और मिलावटी तेल की भी समस्या देखी जाती है इसलिए हमेशा ISI मार्क और FSSAI लाइसेंस वाला तेल ही खरीदें। पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट जरूर देखें। तेल का रंग और गंध उसकी गुणवत्ता बताते हैं। सरसों तेल में तेज और विशेष खुशबू होनी चाहिए। रिफाइंड तेल का रंग हल्का पीला और गंध न्यूट्रल होनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध उत्पाद को न खरीदें।
थोक में तेल खरीदने पर प्रति लीटर कीमत कम पड़ती है लेकिन एक बार में बहुत अधिक तेल खरीदना भी उचित नहीं है क्योंकि पुराना तेल खराब हो सकता है और सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। सरकारी उचित मूल्य की दुकानों पर भी रिफाइंड और सरसों तेल रियायती दरों पर उपलब्ध होता है। BPL कार्ड धारक परिवारों को राशन कार्ड पर सस्ता तेल मिल सकता है जिसकी जानकारी स्थानीय राशन डीलर से लें।
सरकार की नीति और तेल के दामों पर असर
केंद्र सरकार समय-समय पर आयात शुल्क में बदलाव कर खाद्य तेल की कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश करती है। 2026 में सरकार ने पाम ऑयल के आयात पर टैक्स में राहत देकर रिफाइंड तेल की कीमतों को काबू में रखने की कोशिश की है। इसके अलावा PM-AASHA और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन जैसी योजनाओं के तहत तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि आयात पर निर्भरता कम हो।
राज्य सरकारें भी किसानों को सरसों और अन्य तिलहन फसलों के लिए MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य देती हैं जिससे किसानों को फायदा होता है और उत्पादन बढ़ता है। जब घरेलू उत्पादन बढ़ेगा तो आयात कम होगा और उपभोक्ताओं को भी सस्ते दामों पर तेल मिलेगा। इस दिशा में सरकार के प्रयास जारी हैं और उम्मीद है कि आने वाले महीनों में तेल की कीमतें और अधिक स्थिर होंगी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई तेल की कीमतें बाजार सूत्रों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर हैं। वास्तविक कीमतें आपके शहर, दुकान और ब्रांड के अनुसार अलग हो सकती हैं। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार या दुकानदार से ताज़ा रेट जरूर जांच लें। यह वेबसाइट किसी भी मूल्य परिवर्तन के लिए जिम्मेदार नहीं है।


